ममता सरकार को झटका, कोलकाता हाईकोर्ट ने बीजेपी की रथयात्रा को दी मंजूरी
रिपोर्टर : युवराज सिंह मेवाड़ा
कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को बंगाल में रथ यात्राएं निकालने की मंजूरी दे दी। राज्य सरकार ने अनुमति नहीं दी तो भाजपा ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सिंगल बेंच ने इन यात्राओं पर रोक लगा दी थी। इसके बाद पार्टी ने बड़ी बेंच में अर्जी लगाई थी। रथ यात्रा राज्य के 24 जिलों से गुजरेगी। भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा- यह फैसला निरंकुशता के मुंह पर तमाचा है।
अरुण जेटली का हमला
हाईकोर्ट के फैसले के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला किया है. पहले उन्होंने कोर्ट के फैसले के बाद पश्चिम बंगाल की पार्टी ईकाई को बधाई दी. फिर अपने अगले ट्वीट में विपक्षी दलों पर हमला करते हुए कहा कि अगर यही फैसला एनडीए या बीजेपी सरकार ने विपक्षी कार्यक्रम पर लिया होता तो इसे 'अघोषित आपातकाल' करार दिया जाता. अब लोग चुप क्यों हैं? अपने अगले ट्वीट में कहा कि इस प्रकरण पर मानवाधिकार संगठन चुप क्यों हैं?
40 दिन में 294 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करने की योजना
- राज्य सरकार ने रथ यात्रा की अनुमति संबंधी भाजपा के पत्रों का जवाब नहीं दिया था। इस पर पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने सरकार को फटकार लगाई थी। राज्य सरकार ने कोर्ट में तर्क दिया था कि भाजपा की रथ यात्रा से साम्प्रदायिक तनाव फैल सकता है।
- भाजपा की योजना है कि शाह की रथ यात्रा के जरिए 40 दिन में 294 विधानसभा क्षेत्रों को कवर किया जाए। यह यात्रा 7 दिसंबर को कूच बिहार से, 9 दिसंबर को दक्षिण 24 परगना के काकद्वीप से और 14 दिसंबर को तारापीठ से रवाना करने की योजना थी।
- भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, ‘‘हम इस फैसले का स्वागत करते हैं। हमें न्यायपालिका पर भरोसा था कि हमें न्याय मिलेगा। यह फैसला निरंकुशता के मुंह पर तमाचा है। हमने अभी कोई फैसला नहीं किया है, लेकिन आश्वस्त कर सकता हूं कि प्रधानमंत्री और पार्टी के मुखिया रथ यात्रा में शामिल होंगे।’
अब कोलकाता में बीजेपी के अमित शाह बिना किसी रोक टोक के अपनी रथ यात्रा कर सकेंगे इसके के लिए अब उन अनुमति मिल चुकी है |
