आर.बी.आई ने रेपो रेट 6.5 % पर बरक़रार रखी , लोन नहीं होंगे महंगे
रिपोर्टर : युवराज सिंह मेवाड़ा
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने बुधवार को ब्याज दरों का ऐलान किया। रेपो रेट 6.5% पर बरकरार रखी गई है। रिवर्स रेपो रेट में भी बदलाव नहीं किया गया है। यह 6.25% है। हालांकि, एसएलआर में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की गई है। मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (एमपीसी) के सभी 6 सदस्यों ने रेपो रेट स्थिर रखने के पक्ष में वोटिंग की। रेपो रेट बरकरार रहने से लोन और जमा की दरों में फिलहाल बदलाव नहीं होने की उम्मीद है। रेपो रेट बढ़ता है तो बैंक लोन और जमा पर ब्याज बढ़ाते हैं। रेपो रेट में कमी होने पर लोन सस्ता होने की उम्मीद बढ़ जाती है।
7.4% जीडीपी ग्रोथ रेट का अनुमान बरकरार
आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष (2018-19) में जीडीपी ग्रोथ रेट रहने 7.4% रहने का अनुमान बरकरार रखा है। अगले वित्त वर्ष (2019-20) की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में जीडीपी विकास 7.5% रहने की उम्मीद जताई है।
रिटेल महंगाई दर आरबीआई के लक्ष्य से कम
आउटलुक में बदलाव नहीं
आरबीआई ने ब्याज दर तो नहीं बढ़ाई लेकिन आउटलुक कैलिब्रेटिंग टाइटनिंग बरकरार रखा है। यानी आगे रेपो रेट में इजाफा किया जा सकता है। एमपीसी के सिर्फ एक सदस्य रविंद्र एच ढोलकिया ने नजरिया न्यूट्रल करने के पक्ष में वोटिंग की। आरबीआई ने अक्टूबर की बैठक में आउटलुक न्यूट्रल से बदलकर सख्त कर दिया था। एमपीसी की अगली बैठक 5 से 7 फरवरी तक चलेगी।इस साल महंगाई दर 2.7-3.2% रहने का अनुमान
चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में महंगाई दर 2.7 से 3.2% रहने का अनुमान है। आरबीआई के मुताबिक अगले वित्त वर्ष (2019-20) में महंगाई दर 3.8 से 4.2% के बीच रह सकती है।डिजिटल ट्रांजेक्शन के लिए अलग से देख रेख होगी
डिजिटल लेन-देन में बढ़ोतरी को देखते हुए रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी ने अलग से लोकपाल लागू करने का फैसला लिया है। जनवरी के आखिर तक इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा।
