युवराज सिंह ने ठोका वापसी का दावा

युवराज सिंह ने  ठोका वापसी का दावा 

 लेखक : युवराज सिंह मेवाड़ा 

      भारतीय टीम से बाहर चल  रहे भारतीय टीम के ALLROUNDER  खिलाड़ी  युवराज सिंह ने एक बार  फिर से भारतीय टीम में वापसी का दवा ठोका है अब  युवराज सिंह रणजी ट्रॉफी  सीजन 2018 में शानदार  बैटिंग कर पर्दशन करके अपनी वापसी का दवा ठोका है | 

युवराज सिंह का वापसी भारतीय टीम में क्यों  जरूरी 

      युवराज सिंह ने साल 2017  में जब भारतीय टीम का मिडिल आर्डर सबसे खराब खेल रहा था तब युवराज सिंह के भारतीय टीम वापसी हुई थी और उस समय युवराज सिंह ने इंग्लैंड के खालिफ 150  रन  के पारी खेल कर के साबित कर दिया था  की अभी भी उन से  बढ़िया मिडिल  आर्डर में लगातार पर्दशन करने वाला प्लेयर कोई और नहीं है और उसके बाद युवराज सिंह ने चैंपियंस  ट्रॉफी में भी शानदार पर्दशन किया था और उसके बाद  जब भारतीय  टीम WEST INDIES  के दोहरे पर गई तब युवराज सिंह थोड़ा से खराब पर्दशन के कारण  टीम से बहार कर दिया उसके बाद से ही  भारतीय सिलेक्शन कमिटी ने मिडिल आर्डर में बहुत सारे प्लेयर्स जैसे  कि मनीष पांडया  , दिनेश कार्तिक  , के.एल राहुल , और भी बहुत से प्लेयर्स को मौका दिया पर ये सारे प्लेयर्स से युवराज जैसे पर्दशन की उम्मीद थी पर ऐसा  नहीं हुआ और इसलिए युवराज सिंह की वापसी जरूरी है | 

2019  की तैयारी  पहले ही कर ली है 

       युवराज सिंह इस समय रणजी ट्रॉफी 2018  में शानदार  परफॉरमेंस  देकर ये फिर से साबित कर दिया की उनके जैसा  मिडिल आर्डर बैटमैन अभी भारीतय टीम में नहीं है जो की ऊपर  आर्डर फ़ैल होने  के बाद टीम की मैच में वापसी  करा दे इसलिए युवराज सिंह एक इम्पोर्टेन्ट प्लेयर साबित होते देखे जा रहे है और हो सकता है की ऑस्ट्रेलिया टूर  पर युवराज सिंह की वापसी पाकी हो जाये और युवराज को एक बार अपने आप  एक बार साबित करने का मौका मिले 

SHARE THIS

Author:

My Self Yuvraj Singh Mewara From Jaipur , Rajasthan , India , This time i can complete my studies and after I can do World Level Business

I Am Anupam Srivastava is the owner of Gabbusona.com and writes on various topics like Online Earning, SEO, Blogging,letest technology etc. He has worked on many blogs and also works as an web designing. Apart from blogging he is also pursuing a degree in Computer Science Engineering
Previous Post
First