BCCI तोड़ रहा सीनियर क्रिकेटर प्लेयर्स का होसला
रिपोर्टर : युवराज सिंह मेवाडा
बी.सी.सी.ई ने हर बार कहा है की जो प्लेयर ग्राउंड पर पर्दशन करेगा उसको वो रास्ट्रीय टीम में खेलने का मोका देंगे जिससे वो एक बार फिर अपने आप को एक बार होसला बढे और वो प्लेयर अपने आप को रास्ट्रीय टीम के स्तर पर अच्छा पर्दशन कर सके पर एक बार फिर जब युवराज सिंह ने विजय हजारे ट्राफी में शानदार बेटिंग की और उनकी फिटनेस भी शानदार है और व उन्हें गौतम गंभीर के जेसे उनको भी नज़र अंदाज़ कर दिया है जो की विजय हजारे ट्राफी में रन बनाने के मामले में तीसरे नंबर पर रहे और और उन्होंने विजय हजारे ट्राफी में उन्होंने सानदर पर्दशन किया फिर भी गौतम गंभीर से कम रन बनाने वाले प्लेयर्स को टीम में को मोका दिया गया और उनमे से कुछ तो जो की नेशनल टीम में जिनका पर्दशन अच्छा नहीं उनको फिर मोके दिया है और कुछ नए प्लेयर्स को मोका दिया पर जो प्लेयर्स ने विजय हजारे ट्राफी में शानदार पर्दशन किया उनको भी सेलेक्ट नहीं किया |
केसे तोड़ रहा BCCI सीनियर क्रिकेटर प्लेयर्स का होसला
बी.सी.सी.ई के सेलेक्टेर्स पहले तो कहते है की आप डोमेस्टिक क्रिकेट में शानदार पर्दशन किजये और फिर अपने आप बी.सी.सी.ई के सेलेक्टेर्स आप को टीम में चुनेगे पर अब तो युवराज सिंह और गौतम गंभीर जेसे प्लेयर्स को ऐसे लगने लगा होगा की बी.सी.सी.ई के सेलेक्टेर्स कितना भी अच्छा पर्दशन कर ले फिर भी उन्हें वो रास्ट्रीय टीम में सलेक्ट नहीं करेंगे क्यों की बी.सी.सी.ई के सेलेक्टेर्स तो एक मात्र वो ही प्लेयर्स चाहिए जो की 1 मैच में सेंचुरी बनाये और 10 मैच वो एक रन भी नहीं बनाये तो भी बी.सी.सी.ई के सेलेक्टेर्स पहले उन ही प्लेयर्स को चुनते है और उनका होसला ऐसा बढ़ाते है की वो ही प्लेयर्स भले 2 सीरीज में भी रन और नहीं बनाये तो भी वो ही प्लेयर्स आपको खेलते जेसे की के.एल राहुल, मनीष पाण्डेय, दिनेश कार्तिक, केदार जाधव, हार्दिक पंड्या, और भी बहुत से प्लेयर्स है
गौतम गंभीर और युवराज सिंह जेसे प्लेयर्स को तो एक दो मैच का मोका देते है
जब गौतम गंभीर को इंग्लैंड टेस्ट सीरीज के लिए दिसम्बर 2016 में जब चुना गया था तब उन्हें मात्र दो टेस्ट मैच खेलने का मोका दिया जिसमे गौतम गंभीर ने पहले टेस्ट मैच में उन्होंने 50 और 64 रन बनाये और फिर दुसरे टेस्ट मैच में जब पहले पारी में गौतम 15 रन पर आउट हो गए और सेकंड इनिंग हुई नहीं और फिर गौतम गंभीर को यह कह कर बाहर कर दिया की गौतम गंभीर injured हो गए है और फिर उनकी कभी टीम ही वापसी नहीं हुई
यही कम युवराज सिंह के साथ हुआ अब इंग्लैंड के साथ तीन एकदिवस्य मैच की सीरीज हुई तब युवराज सिंह की भारतीय टीम में वापसी हुई और फिर युवराज ने पहले मैच में 15 रन , दुसरे में 150 रन , तीसरे में 45 रन बनाए और फिर जब चम्पियन्स ट्रॉफी में युवराज ने 50 , 38 , 26 नाबाद , 32 नाबाद , 29 रन बनाए और फिर युवराज का वेस्ट इंडीज के दोहरे पर बैटिंग में उन्होंने 15 , 29 , 42 रन बनाए और उसके बाद दो मैचों में खिलाया ही नहीं और बाद में श्रीलंका दोहरे पर यह कह कर बहार कर दिया की उन्हें रेस्ट दिया गया है और फिर बाद में उनकी फिटनेस खराब बता दी और उसके बाद जब युवराज सिंह ने यो-यो टेस्ट क्लियर कर लिया फिर भी अज्ज तक युवराज सिंह की वापसी नहीं हुए | इसी को कहते है सीनियर्स प्लेयर्स का हौसला तोडना
यही कम युवराज सिंह के साथ हुआ अब इंग्लैंड के साथ तीन एकदिवस्य मैच की सीरीज हुई तब युवराज सिंह की भारतीय टीम में वापसी हुई और फिर युवराज ने पहले मैच में 15 रन , दुसरे में 150 रन , तीसरे में 45 रन बनाए और फिर जब चम्पियन्स ट्रॉफी में युवराज ने 50 , 38 , 26 नाबाद , 32 नाबाद , 29 रन बनाए और फिर युवराज का वेस्ट इंडीज के दोहरे पर बैटिंग में उन्होंने 15 , 29 , 42 रन बनाए और उसके बाद दो मैचों में खिलाया ही नहीं और बाद में श्रीलंका दोहरे पर यह कह कर बहार कर दिया की उन्हें रेस्ट दिया गया है और फिर बाद में उनकी फिटनेस खराब बता दी और उसके बाद जब युवराज सिंह ने यो-यो टेस्ट क्लियर कर लिया फिर भी अज्ज तक युवराज सिंह की वापसी नहीं हुए | इसी को कहते है सीनियर्स प्लेयर्स का हौसला तोडना

tabhi soche gautam gambhir or yuvraj singh ki team me wapsi ku nahi ho rahi h
ReplyIn Selcteors ko team ko select karni ati h nhi or team select karne beth jate hai salo ko selection commite se bahar lakar fek dena chaiya
Reply