BCCI सिलेक्शन में भेदभाव करती है

BCCI  सिलेक्शन में भेदभाव करती है  


 रिपोर्टर : युवराज सिंह मेवाडा

                      BCCI ने देवधर ट्राफी के सिलेक्शन में एक बार फिर भेदभाव  किया इस बार तो हद तब हो गई जब गौत्तम गंभीर जो की विजय हजारे ट्राफी में रन बनाने के मामले में तीसरे नंबर पर रहे और और उन्होंने विजय हजारे ट्राफी में उन्होंने सानदर पर्दशन किया फिर भी गौतम गंभीर से कम रन बनाने वाले प्लेयर्स को टीम में को मोका दिया गया और उनमे से कुछ तो जो की नेशनल टीम में जिनका पर्दशन अच्छा नहीं उनको फिर मोके दिया है और कुछ नए प्लेयर्स को मोका दिया पर जो प्लेयर्स ने विजय हजारे ट्राफी में शानदार पर्दशन किया उनको भी सेलेक्ट नहीं किया इस से मालूम होता है की बी.सी.सी.ई ने इस बार हर जगह टीम सिलेक्शन में भेदभाव किया है 

                     बी.सी.सी.ई ने हर बार कहा है की जो प्लेयर ग्राउंड पर पर्दशन करेगा उसको वो मोका देंगे पर एक बार फिर जब युवराज सिंह ने विजय हजारे ट्राफी में शानदार बेटिंग की और उनकी फिटनेस भी शानदार है और फिर भी उन्हें गौतम गंभीर के जेसे उनको भी नज़र अंदाज़ कर दिया है 

भारत टीम एक बार फिर दोहरागी  2015 वर्ल्डकप वाली गलती 

                      भारतीय टीम जब 2015 वर्ल्डकप वाली गलती दोहराती नज़र आ रही है जब 2015 में वर्ल्डकप शरू होने वाला था और बी.सी.सी.ई ने  युवराज सिंह जेसे खिलाडी जो की रणजी ट्राफी के सीजन में 600 से अधिक रन बनाने वाले वाले युवराज सिंह को टीम में जगह नहीं देकर रविन्द्र जडेजा जो चोटिल थे और स्टुअर्ट बिन्नी जो की क्रिकेट की बहुत से फोर्मट्स में debue भी नहीं किया था और उनको यह कह कर सामिल कर लिया था की वो युवराज सिंह से अच्छा खेलते है और बाकी जो मिडिल आर्डर के बैट्समैन और उपर आर्डर के बैट्समैन जो वर्ल्डकप से पहले तो तीन गुना स्पीड से रन बना रहे थे उसमें कोहली , रैना , दिनेश कार्तिक , अम्ब्याती रायडू और भी जो बहुत से प्लेयर्स थे पर इंडिया शरू के मैच तो उस समय के कप्तान धोनी की वजह से हर बार जीत जाती थी पर इस बार ऐसा नहीं होगा |

                    क्यों की बी.सी.सी.ई को अपने रेगुलर प्लेयर्स से इतना प्यार है की उनको तो टीम में हर बार किसी बड़े प्लेयर का सपोर्ट मिल जाता है या उन्हें यह कह कर और मोके दिए जाते है  की उन को ये कंडीशनस सूट नहीं करती इस लिया उनकी बेटिंग फ्लॉप रही और उनकी परफॉरमेंस अच्छा नहीं रहा पर उसके बाद एक मैच में थोड़े बहुत रन बना देना और फिर 5 से 10 मैच में रन न बनाना फिर भी टीम में जगह मिल जाना तो साफ भेदभाव कहलाता है उनके जिसे प्लेयर्स जेसे की  के.एल राहुल, मनीष पाण्डेय, दिनेश कार्तिक, केदार जाधव, हार्दिक पंड्या, और भी बहुत से प्लेयर्स है 

महेन्द्र सिंह धोनी ने भी माना था  की कप्तान और बी.सी.सी.ई करती है भेदबाव 

                 2015 वर्ल्डकप के भारत vs वेस्ट इंडीज के मुकाबले में जब भारत को मात्र 243 के लक्ष्य में भारत ने अपने 6 विकेट मात्र 86 रन पर को दिये थे ये तो शुक्र था की उस समय महेन्द्र सिंह धोनी क्रीज़ पर थे और उन्होंने केसे केसे करके भारत को वो मैच जिताया था नहीं तो भारत तो इसी समय वर्ल्डकप हर चूका था और उस मैच के बाद जब प्रेस कांफ्रेस हुई तब महेन्द्र सिंह धोनी ने खुद ने मना की था की महेन्द्र सिंह धोनी (कप्तान) और बी.सी.सी.ई के सिलेक्शन कमिटी ने युवराज सिंह जो मिडिल आर्डर में शानदार पर्दशन कर रहे थे उनको सेलेक्ट नहीं करके हमने बहुत बड़ी गलती की  और  उसका खामियाजा ये भुगतना पड़ा की भारत 2015 का वर्ल्डकप हार गया था 

SHARE THIS

Author:

My Self Yuvraj Singh Mewara From Jaipur , Rajasthan , India , This time i can complete my studies and after I can do World Level Business

I Am Anupam Srivastava is the owner of Gabbusona.com and writes on various topics like Online Earning, SEO, Blogging,letest technology etc. He has worked on many blogs and also works as an web designing. Apart from blogging he is also pursuing a degree in Computer Science Engineering
Previous Post
Next Post